Sat. Jul 24th, 2021

श्री शत चंडी महा यज्ञ 11 फ़रवरी सुबह 10 बजे  मुहमदपुर बरहिया जनपद मऊ में आयोजित किया  गया  है |


शव वाहिनी हो गई,
गंगा की अविरल धारा ।
आसमान से आंसू बहाए ,
सूरज और चांद,सितारा।।

ये कैसा रामराज है ?
ये कैसा रामराज है ?

धरती कंपित हो उठी,
तरुवर भी मुरझाए ।
चिड़िया चिंतित होकर देखो,
विह्वल राग सुनाए।।

ये कैसा रामराज है ?
ये कैसा रामराज है?

नमामि गंगे विफल हुआ,
ढोंग की चादर ओढ़े ।
मिलकर सब ने लूट लिया
धन को थोड़े थोड़े।।

ये कैसा रामराज है ?
ये कैसा रामराज है ?

गंगा मैली और हो गई,
साहेब की सरकार में।
लकड़ी भी नसीब नहीं,
अब अंतिम संस्कार में।।

ये कैसा रामराज है ?
ये कैसा रामराज है ?

नरसंहार की साज़िश है,
या है कोई मजबूरी।
कोरोंना से बचने को,
दो गज बहुत जरूरी।।

ये कैसा रामराज है ?
ये कैसा रामराज है ?

लेखक – अखिलानंद यादव
रतनपुरा मऊ
मो0 .9450461087

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