Sat. Jul 24th, 2021

श्री शत चंडी महा यज्ञ 11 फ़रवरी सुबह 10 बजे  मुहमदपुर बरहिया जनपद मऊ में आयोजित किया  गया  है |

कोई अखिल कहता है,
कोई आनंद कहता है।
कोई मुझे नफरत करता है,
कोई पसंद भी करता है।।

मुझे ना फर्क है ,ना तर्क है,
उन सारी बातों का ।
वो दिन के दीवाने हैं,
मैं आशिक हूं! रातों का ।।

मैं अपने गीत गजलों में ,
मन की पीड़ा लिखता हूं।
नमन है स्वर की देवी को ,
कलम से वीणा लिखता हूं।।

व्यथा तरुवर का लिखता हूं,
धरा का चिंतन लिखता हूं ।
आवाज अंबर का लिखता हूं,
नदी का क्रंदन भी लिखता हूं ।।

कभी मैं प्यार लिखता हूं ,
कभी तलवार लिखता हूं ।
कभी सरहद लिखता हूं ,
कभी दीवार भी लिखता हूं।।

कभी मैं दूध लिखता हूं ,
कभी सिंदूर लिखता हूं ।
जनक जननी लिखता हूं ,
नयन का नूर भी लिखता हूं ।।

कभी सफलता लिखता हूं ,
कभी संघर्ष लिखता हूं ।
कभी मैं दुख लिखता हूं ,
कभी मैं हर्ष भी लिखता हूं ।।

कभी मै हिंदी लिखता हूं ,
कभी भोजपुरी लिखता हूं।
किसी की चाहत लिखता हूं,
कभी मजबूरी भी लिखता हूं ।।

खेत खलिहान लिखता हूं,
कभी किसान लिखता हूं ।
कभी तिरंगा लिखता हूं,
मैं हिंदुस्तान लिखता हूं ।।

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